प्रश्न:- पुनरूत्थान क्या है?
उत्तर:- पुनरूत्थान का मतलब है किसी का भी दुबारा जन्म या पुन: निर्माण होना।
भारत का पुरूतथान:- कई बार अलग-अलग तरीक़ों से, अलग-अलग रूप से व अलग-अलग क्षेत्रो में हुआ है।
जैसे ब्रिटेन सरकार द्वारा भारत को लूटा गया तो भारत के स्वतंत्रता-सैनानियों ने अपनी जान देकर भारत का पुन: हुआ जब भारत का शारीरिक,मानसिक व आर्थिक रूप से पुनरूत्थान हुआ और विकसित हुआ। साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में भी हुआ जिसमें उस समय के योद्धाओं ने अपनी पूरी भूमिका निभाई।
इस सब के परे भारत आज लगभग शिक्षित तो हो गया परंतु किसी ने यह नहीं सोचा की हक़ीक़त में इस शिक्षा की ज़रूरत क्यों पड़ी है ?
आराम से तो लोग जब भी रहा करते थे तब राजाओं-महरजाओ का शासन चला करता था।जनता तो जब भी ख़ुश थी।परंतु लगभग 70-75 साल में ही शिक्षा पर ज़्यादा ज़ोर क्यों दिया जा रहा है और साथ ही इतने सारे आविष्कार (जैसे:- टेलिविज़न,मोबाइल,फ़ोन,इंटर्नेट,कम्प्यूटर....आदि-आदि) इस 21वीं सदी में ही क्यों हुए ? क्यों इस समय का पूर्ण परमात्मा का इस पृथ्वी पर आने का योग था और अपने ज्ञान का तेज़ी से प्रचार करने का भी योग था।
जिससे पूर्ण परमात्मा अपने एक स्थान से अपने ज्ञान का प्रचार इन अभी चीज़ों(मोबाइल,इंटर्नेट...आदि) के द्वारा विश्व के कोने-कोने तक कर सके और सदग्रंथो से पूर्ण भक्ति मार्ग दे सके।
ऐसा इस लिए हुआ क्योंकि पुराने समय में शिक्षा का अधिकार सिर्फ़ ब्राह्मण वर्ग के लोगों को हुआ करता था और वो जो छोटी जाति वालों को जो ग़लत-सलत बता देते थे तो वो वही मानते थे और उनको धोके में रखकर मन मानी करवाते थे और उन्हें भक्ति से रहित रखते थे और वो अपने ब्राह्मणवाद से उन लोगों को फ़ालतू के अड़्मबर में ही लटका के रखते थे और उन्हें मन मर्ज़ी करके लूटते थे। इसी लिए परमात्मा ने इस युग या सदी में शिक्षा का प्रचार अधिक करवाया और भी आवश्यक आविष्कार करवाए जो वर्तमान में अधिक प्रचलित है।
जैसे:- इंटर्नेट,मोबाइल,फ़ोन,टेलिविज़न...... आदि।
और परमात्मा अपनी आत्माओं के मोक्ष के हर युग में पृथ्वी(काल लोक) में आते है।और भारत का आध्यात्मिक पुनरूत्थान करते है।
ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त 1 मन्त्रा 9 में लिखा है कि जब परमेश्वर शिशु रुप में पृथ्वी पर प्रकट होते हैं तो उनकी परवरिश की लीला कंवारी गायों द्वारा होती है। मैं सत्ययुग में ‘‘सत्यसुकृत’’ नाम से प्रकट हुआ था। त्रोतायुग में ‘‘मुनीन्द्र’’ नाम से तथा द्वापर में ‘‘करुणामय’’ नाम से और संवत् 1455 ज्येष्ठ शुद्धि पूर्णमासी को मैं कलयुग में ‘‘कबीर’’ नाम से प्रकट व प्रसिद्ध हुआ था।
और वर्तमान में इसी नए पुनरूत्थान के लिए संत रामपाल जी रूप में भारत के हरियाणा राज्य के हिसार जिले में आए हुए है जो भारत का आध्यात्मिक दृष्टि से पुनरूत्थान कर रहे है।
वर्तमान समय (सन-2020महामारी के चलते ब्रह्मणो के आड़्मबर के परे हटाते हुए संत रामपाल जी विश्व को इस महामारी से बचाएँगे।